जब दो लोग प्रेम में होते हैं,
उनके हदय, ईश्वर के हो जाते हैं,
फिर उस प्रेम में जो भी मिले,
दुःख,
कष्ट,
वेदना,
अंधकार,
अन्याय,
अस्वीकार,
सब ईश्वर का है,
मृत्यु के बाद,
जब ये प्रेमी, ईश्वर से मिलते हैं, तो जानते हैं,
वो सब, जो उन्हें लगा, उन्होंने भोगा,
असल में, ईश्वर ने भोगा है,
ईश्वर के हदय के घाव और दरारों में उन्हें दिखता है,
उनके प्रेम का सच,
प्रेम में तुम्हारी पीड़ा, ईश्वर भुगतते हैं,
और इस पीड़ा के बदले में,
ईश्वर तुम्हें देते हैं असीम प्रेम,
ताकि, प्रेम बचा रहे,
क्योंकि प्रेम बचा रहा, तभी संसार बचा रहेगा,
हम सब, बचे रहेंगे…!!!


