संसार की रचना करते समय ईश्वर के मुख से निकला हुआ पहला शब्द स्त्री था और आखिरी शब्द प्रेम था. जब तक ये दोनों है तब तक संसार का ऐश्वर्य है, जब ये दोनों नही रहेंगे संसार भी नही रहेगा. उसके बाद केवल अंधकार रहेगा और अंधकार में डूबा हुआ अंत रहेगा...!!!


संसार की रचना करते समय ईश्वर के मुख से निकला हुआ पहला शब्द स्त्री था और आखिरी शब्द प्रेम था. जब तक ये दोनों है तब तक संसार का ऐश्वर्य है, जब ये दोनों नही रहेंगे संसार भी नही रहेगा. उसके बाद केवल अंधकार रहेगा और अंधकार में डूबा हुआ अंत रहेगा...!!!