तेरी मेरी 

एक कहानी 

फूल चूमती 

तितली बोली

भूली बिसरी

यादों से


प्रिय की

यादें

बादल बन

बरसी

नैनों से

चुपचाप


यादों के

पाखी

पंख लगाकर

उडते हैं

इस डाल से

उस डाल



धुँधले साये

झांकते हैं

छिप छिप

यादों के

झरोखे से

मन उदास