युग परिवर्तन की

दहलीज पर 

खड़ी हुई 

अपलक देखती

अपनी नियति

बाहर संकट

भीतर घुटन

बचने की 

नाकाम कोशिश में

तरबतर

सारी दुनिया की

आधी आबादी में

ढूंढ रही हूं

एक पूरी स्त्री


गुफाओं से लेकर

अट्टालिकाओं

भवनों, महलों के

द्वार खड़खड़ाऊंगी

मैं अपनी खोज 

उसके मिल जाने तक

जारी रखूंगी