जिस तरह

किसी और के दिए

फटे नोट को

अच्छे नोट

के बीच रखकर

चलाने की

नादां सी

कोशिश की है


मैंने भी आज

प्रार्थनाओं में

लपेट कर

अपने दुख

तुझे चढ़ा दिए हैं

प्रभु

ना तो नोट

मैंने छापे थे

ना ही अपना

भाग्य लेख