
आओ थोड़ी खुशियां बांटे
इस बार नए ढंग से दीवाली मनाएं
पड़ोस की बस्ती में
दीवारों पर पसरी
उदासी हटा मुस्कान के
चटख रंग पोत आयेंगे
किताबों की रोशनी
कलम की फुलझड़ी से
शुभ दीवाली लिख आयेंगे
दूर बसे वृद्ध आश्रम में
पथराई आंखों का
टिमटिमाता लंबा इंतजार
बांट आएंगे
चैन से बैठेंगे बतियायेंगे
आशीष की पोटली में
कुछ सुनहरे पल बटोर लाएंगे
दिव
Read More! Earn More! Learn More!
