एक हँसी।
आज फिर बिताए कई लम्हें तुम्हारी याद में,
तुम्हें याद कर गुज़ारे कई पल ।
हर राह में फूल ही फूल हो जिन पर तुम चलो,
ज़िंदगी की हर परीक्षा में रहो तुम सदा सफल ।
तुम्हारा परिश्रम, तुम्हारा जज़्बा, पहुंचाए तुम्हें तुम्हारे मुकाम तक,
रंग लाए तुम्हारी मेहनत जो करती तुम सुबह से शाम तक ।
और क्या मांगू ही जब देख लू तुम्हारे चेहरे की मुस्कान,
दुआ बस यही मुकम्मल हो मेरी, छु लो अपनी काबिलियत से तुम आसमान।
बातें तुम ना करो फिर भी तुम नहीं मेरे लिए अनजान,
तुम्हारी एक हंसी से ही खूबसूरत है मेरा जहान।
- अनुष्का

