कुछ लम्हे एहसास-ए-मुहब्बत केकुछ नग़मे तेरी इबादत केकुछ वक्त सुलगती चाहत काहमने तेरे नाम किया।कुछ लम्हे तर्क-ए-ताल्लुक केकुछ ज़ख़्म तेरी रहमत केकुछ वक्त ज़हर जुदाई काहमने अपने ही नाम किया।अनिता सभरवाल
कुछ लम्हे एहसास-ए-मुहब्बत केकुछ नग़मे तेरी इबादत केकुछ वक्त सुलगती चाहत काहमने तेरे नाम किया।
कुछ लम्हे तर्क-ए-ताल्लुक केकुछ ज़ख़्म तेरी रहमत केकुछ वक्त ज़हर जुदाई काहमने अपने ही नाम किया।
अनिता सभरवाल