नमक लेकर अब भी क्यों खड़े हैं ये ज़माने वाले
कोई कहो उनसे के अब जा रहे हैं ज़ख्म लगाने वाले
तुझे मेरी हालत का अंदाज़ा नही है शायद
अभी मजबूरियाँ मत गिना मुझे अपनी मुझसे दूर जाने वाले


नमक लेकर अब भी क्यों खड़े हैं ये ज़माने वाले
कोई कहो उनसे के अब जा रहे हैं ज़ख्म लगाने वाले
तुझे मेरी हालत का अंदाज़ा नही है शायद
अभी मजबूरियाँ मत गिना मुझे अपनी मुझसे दूर जाने वाले