मेरी ताकत यह है
कि मैं हर बार उठ कर खड़ा हो जाता हूँ
जब तक कि मर ही नहीं जाता
और मरकर भी ऐसा नहीं है
कि मैं खड़ा होने की कोशिश नहीं करूँगा
चाहे लुड़क ही पड़ूँ।
मेरी ताकत यह है
कि मैं हर बार उठ कर खड़ा हो जाता हूँ
जब तक कि मर ही नहीं जाता
और मरकर भी ऐसा नहीं है
कि मैं खड़ा होने की कोशिश नहीं करूँगा
चाहे लुड़क ही पड़ूँ।

Vishnu Nagar born in 14 June 1950. He Lives in delhi. His four books have been published
View profile & all 22 Poems / Storiesअखिल भारतीय लुटेरा(१)
मैं क्यों अनजान बना बैठा हूँजैसे मुर्गा हूँ
मोदी के घर में उसके कई सेवक हैंउसका वहाँ कोई भाई, कोई बहन नहीं
ज़िन्दगी एडजस्टमेण्ट से ही चलती हैउसी से नौकरी मिलती है, पदोन्नति होती है
प्यार में रोनाप्यार ने कई बार रुलाया मुझे