दुखों की छाया में यह भव बसा है, नियति की's image
0256

दुखों की छाया में यह भव बसा है, नियति की

ShareBookmarks

दुखों की छाया में यह भव बसा है, नियति की
सदिच्छा होगी तो कुछ दिन कटेंगे, समय के
सधे आयामों में। भ्रम भ्रम रहेगा कि सच का
कभी पल्ला लेगा; श्वसन ठहरेगा विजन में।

Read More! Learn More!

Sootradhar