दुःख दर्द का साथी दुनिया में, देखा कोई यार नहीं मिलता

Shivadin Ram JoshiShivadin Ram Joshi10 Jun 1921 – 27 Jul 2006

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दुःख दर्द का साथी दुनिया में, देखा कोई यार नहीं मिलता |
हैं सुख के साथी बहुतेरे, उनसे कोई सार नहीं मिलता ||

सहना है दर्द अकेले ही, कहना है किसको जाकर के |
कुछ रहे यार मुसकाकर के, कुछ समय बितायें गाकर के |
शिवदीन जगत को देख लिया, कोई दिलदार नहीं मिलता ||

इसलिए शरण प्रभु की होना, सतसंग से पाप सकल धोना |
संतन के संग उमंग सदा, पर ये बाजार नहीं मिलाता ||

Shivadin Ram Joshi
About the poet

Shivadin Ram Joshi

शिवदीन राम जोशी (जन्म : १० जून १९२१, खंडेला, सीकर जिला) एक भारतीय कवि थे। उनके साहित्य में सवैया, मनहर, मतगयंद, कुंडली छंद और कवित्त का प्रयोग तथा धमाल, भजन और गजलों का समावेश है। पद्यात्मक रचनाओं का विषय ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, प्रकृति चित्रण, प्रार्थना और उप…

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