वो जब कोई भंवर पैदा करेगा

Sarvesh ChandausiSarvesh Chandausi1 Jul 1941 – 25 May 2020

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वो जब कोई भंवर पैदा करेगा।
बचाने का भी घर पैदा करेगा।।

लगाओ तो वफाओं का शजर तुम।
वो शाखों पर समर पैदा करेगा।।

ये सूखे आँसुओं का पूछना है।
दुआ में कब असर पैदा करेगा।।

वो चाहेगा अगर जल्वा दिखाना।
तो आँखों में हुनर पैदा करेगा।।

भटकना भी ज़रूरी है, नहीं तो।
किसे वो रहगुज़र पैदा करेगा।।

वो देखेगा फ़ना होने का मंजर।
हबाबों को अगर पैदा करेगा।।

न जो 'सर्वेश' सूरज से मिटेंगे।
अंधेरे वो बशर पैदा करेगा।।

Sarvesh Chandausi
About the poet

Sarvesh Chandausi

जन्म : १ जुलाई १९४९, चन्दौसी, मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) में शिक्षा : बी. एससी. लेखन : गीत, ग़ज़ल, दोहे, रुबाई, मुक्तक, कहानियाँ काव्य पाठ : कवि सम्मेलन, मुशायरा, रेडियो स्टेशन, तथा दूरदर्शन से काव्यपाठ

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