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Quotes | Couplets

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  • एक आदमी का मरना मौत है,
    एक लाख आदमियों का मरना तमाशा है
  • ज़िंदगी को उसकी शक्ल में पेश करना चाहिए जैसी कि वह है, न कि वह जैसी थी या जैसी होगी और या जैसी होनी चाहिए।
  • मैं बग़ावत चाहता हूं. हर उस फ़र्द (व्यक्ति) के ख़िलाफ़ बग़ावत चाहता हूँ जो हमसे मेहनत कराता है मगर उस के दाम अदा नहीं करता
  • खाली पेट का मज़हब रोटी होता है।
  • मैं बग़ावत चाहता हूँ,
    हर उस इंसान के ख़िलाफ़ बग़ावत चाहता हूँ,
    जो हमसे मेहनत कराता है
    लेकिन उसके दाम अदा नहीं करता
  • लीडर जब आँसू बहा कर लोगों से कहते हैं कि मज़हब ख़तरे में है तो इस में कोई हक़ीक़त नहीं होती। मज़हब ऐसी चीज़ ही नहीं कि ख़तरे में पड़ सके, अगर किसी बात का ख़तरा है तो वो लीडरों का है जो अपना उल्लू सीधा करने के लिए मज़हब को ख़तरे में डालते हैं।
  • अगर आपकी ज़िंदगी दर्द के एहसास के बग़ैर गुज़री है तो आप अभी तक पैदा ही नहीं हुए।
  • बेटी का पहला हक़ जो हम खा जाते हैं, वो उस के पैदा होने की ख़ुशी है।
  • चक्की पीसने वाली औरत जो दिनभर काम करती है, रात इत्मीनान से सो जाती है, मेरे अफ़सानों की हीरोइन नहीं हो सकती। मेरी हीरोइन चकले की एक टखयाई रंडी हो सकती है। जो रात जागती है और दिन को सोते में कभी-कभी यह डरावना ख्वाब देखकर उठ बैठती है कि बुढ़ापा उसके दरवाज़े पर दस्तक देने आ रहा है।
  • मैं सोसाइटी की चोली क्या उतारूंगा, जो है ही नंगी। मैं उसे कपड़े पहनाने की कोशिश नहीं करता, क्योंकि यह मेरा काम नहीं, दर्ज़ियों का काम है
  • पहले मज़हब सीनों में होता था लेकिन अब टोपियों में होता है।
  • जमाने के जिस दौर से हम गुजर रहे हैं, अगर आप उससे वाकिफ नहीं तो मेरे अफसाने पढ़िए और अगर आप इन अफसानों को बर्दाश्त नहीं कर सकते तो इसका मतलब है कि जमाना नाकाबिल-ए-बर्दाश्त है :
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Sootradhar