Selected Quotes
Poetry & Stories
मैं आंगिरस - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
एक मरणधर्मा और अन्य - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
कितना थोड़ा वक़्त - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
अबेकस - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
आशा नाम नदी - ऋतुराज
जन्म स्थान: भरतपुर, राजस्थान, भारतकुछ प्रमुख कृतियाँ: मैं आंगिरस (1964); एक मरणधर्मा और अन्य (1967); कितना थोड़ा वक़्त (1970); अबेकस (1982)
ऋतुराज: Quick Answers
When was ऋतुराज born?
ऋतुराज was born on 10 September 1940. Associated place: भरतपुर, राजस्थान, भारत.
Where can I read ऋतुराज's poetry?
Kavishala has 61 poems and stories by ऋतुराज, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by ऋतुराज
मैं आंगिरस - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
एक मरणधर्मा और अन्य - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
कितना थोड़ा वक़्त - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
अबेकस - ऋतुराज
1- नभ में पंछीसागर – तन मीन
आशा नाम नदी - ऋतुराज
जन्म स्थान: भरतपुर, राजस्थान, भारतकुछ प्रमुख कृतियाँ: मैं आंगिरस (1964); एक मरणधर्मा और अन्य (1967); कितना थोड़ा वक़्त (1970); अबेकस (1982)
लहर - ऋतुराज
द्वार के भीतर द्वारद्वार और द्वार
कन्यादान - ऋतुराज
कितना प्रामाणिक था उसका दुखलड़की को दान में देते वक़्त
शरीर - ऋतुराज
सारे रहस्य का उद्घाटन हो चुका औरतुम में अब भी उतनी ही तीव्र वेदना है
राजधानी में - ऋतुराज
अचानक सब कुछ हिलता हुआ थम गया हैभव्य अश्वमेघ के संस्कार में
दर्शन - ऋतुराज
आदमी के बनाए हुए दर्शन मेंदिपदिपाते हैं सर्वशक्तिमान
माँ का दुख - ऋतुराज
कितना प्रामाणिक था उसका दुखलड़की को कहते वक़्त जिसे मानो
कभी इतनी धनवान मत बनना - ऋतुराज
कभी इतनी धनवान मत बनना कि लूट ली जाओसस्ते स्कर्ट की प्रकट भव्यता के कारण
Selected Quotes by ऋतुराज (चुनिंदा उद्धरण)
1- नभ में पंछीसागर – तन मीनकभी इतनी धनवान मत बनना कि लूट ली जाओसस्ते स्कर्ट की प्रकट भव्यता के कारणद्वार के भीतर द्वारद्वार और द्वारकितना प्रामाणिक था उसका दुखलड़की को दान में देते वक़्तसारे रहस्य का उद्घाटन हो चुका औरतुम में अब भी उतनी ही तीव्र वेदना हैअचानक सब कुछ हिलता हुआ थम गया हैभव्य अश्वमेघ के संस्कार मेंVideos on ऋतुराज
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