अज़ीज़ो न पूछो कहाँ रह गया's image
057

अज़ीज़ो न पूछो कहाँ रह गया

ShareBookmarks

अज़ीज़ो पूछो कहाँ रह गया

जहाँ जी लगा बस वहाँ रह गया

जो रहना था बर्क़-ए-तपाँ रह गया

क़फ़स जल गया आशियाँ रह गया

हुआ मुंदमिल ज़ख़्म-ए-तीर-ए-नज़र

मगर दिल पे उस का निशाँ रह गया

गया आशियाना ज़माना हुआ

फ़क़त अब ग़म-ए-आशियाँ रह गया

ये दोनों भी मंज़िल पे पहुँचे मगर

ग़ुबार उड़ गया कारवाँ रह गया

जहाँ कारवाँ का हुआ था क़ियाम

वहाँ कारवाँ का निशाँ रह गया

इधर वहशत-ए-दिल मुझे ले उड़ी

उधर होश दामन-कशाँ रह गया

कहो बंदा-पर्वर हो किस सोच में

अभी क्या कोई इम्तिहाँ रह गया

हर इक चीज़ 'क़द्र' आई गई

ग़म-ए-इश्क़ ही जावेदाँ रह गया

Read More! Learn More!

Sootradhar