इतिहास के शरीर से
पुराने उतारकर
उसे पहनाये जा रहे हैं
नये कपड़े
उसकी आंखों पर
चढ़ाया जा रहा है
चश्मा नया
उसके सफ़ेद बालों पर
किया जा रहा है
ख़िज़ाब
उसके हाथ से छीनकर
दूर फेंक दी गयी है
उसकी लाठी
आगे बढ़ने के लिए
उसके हाथों में
अब त्रिशूल है
सब बदला जा रहा है
सब बदले की ओर जा रहा है.








