हर तलबगार को मेहनत का सिला मिलता है's image
0617

हर तलबगार को मेहनत का सिला मिलता है

ShareBookmarks

हर तलबगार को मेहनत का सिला मिलता है

बुत हैं क्या चीज़ कि ढूँढे से ख़ुदा मिलता है

वक़्त पर काम न आया दिल-ए-नाशाद कभी

टूट कर ये भी उसी शोख़ से जा मिलता है

वो जो इंकार भी करते हैं तो किस नाज़ के साथ

मुझ को मिलने में न मिलने का मज़ा मिलता है

ये कुदूरत ये अदावत ये जफ़ा ख़ूब नहीं

मुझ को मिट्टी में मिला कर तुम्हें क्या मिलता है

'नूह' हम को नज़र आया न यहाँ बुत भी कोई

लोग कहते थे कि क़ाबे में ख़ुदा मिलता है

Read More! Learn More!

Sootradhar