हुए ख़ुश हम एक निगार से हुए शाद उस की बहार से's image
1 min read

हुए ख़ुश हम एक निगार से हुए शाद उस की बहार से

Nazeer AkbarabadiNazeer Akbarabadi
Share0 Bookmarks 94 Reads

हुए ख़ुश हम एक निगार से हुए शाद उस की बहार से

कभी शान से कभी आन से कभी नाज़ से कभी प्यार से

हुई पैरहन से भी ख़ुश-दिली कली दिल की और बहुत खिली

कभी तुर्रे से कभी गजरे से कभी बध्धी से कभी हार से

वो कनारी इन में जो थी गुँधी उसे देख कर भी हुई ख़ुशी

कभी नूर से कभी लहर से कभी ताब से कभी तार से

गए उस के साथ चमन में हम तो गुलों को देख के ख़ुश हुए

कभी सर्व से कभी नहर से कभी बर्ग से कभी बार से

वो 'नज़ीर' से तो मिला किया मगर अपनी वज़्अ नें इस तरह

कभी जल्द से कभी देर से कभी लुत्फ़ से कभी आर से

No posts

No posts

No posts

No posts

No posts