पारदर्शी नील जल में सिहरते शैवाल's image
0248

पारदर्शी नील जल में सिहरते शैवाल

ShareBookmarks

पारदर्शी नील जल में सिहरते शैवाल
चाँद था, हम थे, हिला तुमने दिया भर ताल
क्या पता था, किन्तु, प्यासे को मिलेंगे आज
दूर ओठों से, दृगों में संपुटित दो नाल ।

Read More! Learn More!

Sootradhar