सहें कब तक जफ़ाएँ बेवफ़ाई देखने वाले's image
0264

सहें कब तक जफ़ाएँ बेवफ़ाई देखने वाले

ShareBookmarks

सहें कब तक जफ़ाएँ बेवफ़ाई देखने वाले

कहाँ तक जान पर खेलें जुदाई देखने वाले

तिरे बीमार-ए-ग़म की अब तो नब्ज़ें भी नहीं मिलतीं

कफ़-ए-अफ़सोस मलते हैं कलाई देखने वाले

ख़ुदा से क्यूँ न माँगें क्यूँ करें मिन्नत अमीरों की

ये क्या देंगे किसी को आना-पाई देखने वाले

बुतों की चाह बनती है सबब इश्क़-ए-इलाही का

ख़ुदा को देख लेते हैं ख़ुदाई देखने वाले

महीनों भाई-बंदों ने मिरा मातम किया 'मुज़्तर'

महीनों रोए ख़ाली चारपाई देखने वाले

Read More! Learn More!

Sootradhar