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इलाज-ए-दर्द-ए-दिल तुम से मसीहा हो नहीं सकता

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इलाज-ए-दर्द-ए-दिल तुम से मसीहा हो नहीं सकता

तुम अच्छा कर नहीं सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता

अदू को छोड़ दो फिर जान भी माँगो तो हाज़िर है

तुम ऐसा कर नहीं सकते तो ऐसा हो नहीं सकता

अभी मरते हैं हम जीने का ता'ना फिर न देना तुम

ये ता'ना उन को देना जिन से ऐसा हो नहीं सकता

तुम्हें चाहूँ तुम्हारे चाहने वालों को भी चाहूँ

मिरा दिल फेर दो मुझ से ये झगड़ा हो नहीं सकता

दम-ए-आख़िर मिरी बालीं पे मजमा' है हसीनों का

फ़रिश्ता मौत का फिर आए पर्दा हो नहीं सकता

न बरतो उन से अपनाइयत के तुम बरताव ऐ 'मुज़्तर'

पराया माल इन बातों से अपना हो नहीं सकता

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Sootradhar