तुमन रौशनी बिन हमन रौशनी नाह's image
0194

तुमन रौशनी बिन हमन रौशनी नाह

ShareBookmarks

तुमन रौशनी बिन हमन रौशनी नाह

तू दीदार बिन सभी दीदार हैं काह

सभी झाड़ कूँ पत-झड़ी बाव आया

चकर खाँस पर है नज़र तू दिसूँ शाह

तुमन ख़्याल सेती हमें ख़्याल बाँधे

रक़ीबाँ न बूझें ये बात आह है आह

नमाज़ाँ करूँ रात दिन मलने क्याँ मैं

हवा मुंज कूँ रोज़ी ज़ुलहमदुल्लिाह

अंधारे के बादल मुंजे बेड़ी चौ-पहर

ख़ुदाया तू भेजें हमन बाद-ए-दिल-ख़्वाह

कता सब्र फ़रियाद कर चुप न रह तूँ

करूँ आह आहाँ तूँ नीं होता आगाह

हुआ बे-क़रार आह आहाँ ते मैं अब

नज़र बा-मुंज उपर दसूँगा कि जियूँ माह

करेगा अगर याद वो मुंज दुखी कूँ

करूँ याद अगर किस कूँ असतग़फ़िरुल्लाह

'मअानी' है आजिज़ तिरी ख़िदमताँ में

नहीं सुद-बुद उस कूँ तूँ कर सब थे आगाह

Read More! Learn More!

Sootradhar