मेरे महबूब
जब दोपहर को
समुन्दर की लहरें
मेरे दिल की धड़कनों से हमआहंग होकर उठती हैं तो
आफ़ताब की हयात आफ़री शुआओं से मुझे
तेरी जुदाई को बर्दाश्त करनें की क़ुव्वत1 मिलती है
मेरे महबूब
जब दोपहर को
समुन्दर की लहरें
मेरे दिल की धड़कनों से हमआहंग होकर उठती हैं तो
आफ़ताब की हयात आफ़री शुआओं से मुझे
तेरी जुदाई को बर्दाश्त करनें की क़ुव्वत1 मिलती है

Meena Kumari (born Mahjabeen Bano; 1 August 1933– 31 March 1972) was an Indian film actress and poet, who worked in Hindi films. Popularly known as The Tragedy Queen She was active between 1939 and 1972. Kumari was described by critics as a "historically inco…
View profile & all 19 Poems / Storiesमुहब्बतबहार की फूलों की तरह मुझे अपने जिस्म के रोएं रोएं से
हाँ, कोई और होगा तूने जो देखा होगाहम नहीं आग से बच-बचके गुज़रने वाले
मेरा माज़ीमेरी तन्हाई का ये अंधा शिगाफ़
चाँद तन्हा है आसमाँ तन्हा,दिल मिला है कहाँ-कहाँ तन्हा
ये रातये तन्हाई