दीनदयाल सुनी जबतें's image
1 min read

दीनदयाल सुनी जबतें

Maluk DasMaluk Das
0 Bookmarks 303 Reads0 Likes

दीनदयाल सुनी जबतें, तब तें हिय में कुछ ऐसी बसी है।

तेरो कहाय के जाऊँ कहाँ मैं, तेरे हित की पट खैंचि कसी है॥

तेरोइ एक भरोसो 'मलूक को, तेरे समान न दूजो जसी है।

ए हो मुरारि पुकारि कहौं अब, मेरी हँसी नहीं तेरी हँसी है॥

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts