प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो

IndeevarIndeevar18 Aug 1924 – 27 Feb 1997

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प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो
समदरसी है नाम तुम्हारो, नाम की लाज करो
प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो..

एक नदी एक नाला कहाय, मैल हो नीर भरो
गंगा में मिल कर दोनों, गंगा नाम परो
प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो..

काँटे और कलियाँ दोनों से, मधुबन रहे भरो
माली एक समान ही सीँचे, कर दे सबको हरो
प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो..

Indeevar
About the poet

Indeevar

Shyamalal Babu Rai, known professionally as Indeevar, (also credited as Indiwar and Indeewar) (18 August 1924 – 27 February 1997) was one of the leading Hindi film lyricists in the 1960s. Career He got recognition in Malhar in 1951, where he penned "Bade Arma…

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