मेरा तो लघु तारा's image
0253

मेरा तो लघु तारा

ShareBookmarks


मेरा तो लघु तारा
कुल आकाश तुम्हारा

मेरी वीणा,
गूँज नहीं पायी जिसकी ध्वनि क्षीणा
दीना, हीना
और तुम्हारी स्वर-माधुरी नवीना,
नया सलिल, नव धारा,

प्रेम किसी का
अथवा कोई सपना फीका-फीका
मेरे जी का,
शीश तुम्हारे विश्व-विजय का टीका
सुन्दर, सहज, सँवारा,

संध्या-वेला,
लहरों-सा सुख-दुख मैंने सब झेला
सबसे खेला
देख चुका अपनों की भी अवहेला,
छलता रहा किनारा

मेरा तो लघु तारा
कुल आकाश तुम्हारा

Read More! Learn More!

Sootradhar