गर्दिश-ए-चश्म-ए-यार ने मारा's image
0114

गर्दिश-ए-चश्म-ए-यार ने मारा

ShareBookmarks

गर्दिश-ए-चश्म-ए-यार ने मारा

दौर-ए-लैल-ओ-नहार ने मारा

मर रहा हूँ मगर नहीं मरता

ख़लिश-ए-इंतिज़ार ने मारा

सख़्त-जानी मिरी जो सुन पाई

दम न फिर तेग़-ए-यार ने मारा

वस्ल में भी ये मुज़्तरिब ही रहा

इस दिल-ए-बे-क़रार ने मारा

हम तो जीते अभी मगर 'बेख़ुद'

सितम-ए-रोज़गार ने मारा

Read More! Learn More!

Sootradhar