बालमुकुंद गुप्त, poet
Sootradhar · Author

बालमुकुंद गुप्त

बालमुकुंद गुप्त

गुड़ियानी, हरियाणा

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Selected Quotes

चटक रहीं बागों में कलियाँ,पंछी करते हैं रंगरलियाँ।
— बालमुकुंद गुप्त
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‘कर नहीं सकते हैं’ कभी मुँह से कहो न यार,क्यों नहीं कर सकते उसे, यह सोचो एक बार।
— बालमुकुंद गुप्त
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