जीवन की ढलने लगी सांझ's image
1 min read

जीवन की ढलने लगी सांझ

Atal Bihari VajpayeeAtal Bihari Vajpayee
0 Bookmarks 581 Reads2 Likes

जीवन की ढलने लगी सांझ
उमर घट गई
डगर कट गई
जीवन की ढलने लगी सांझ।

बदले हैं अर्थ
शब्द हुए व्यर्थ
शान्ति बिना खुशियाँ हैं बांझ।

सपनों में मीत
बिखरा संगीत
ठिठक रहे पांव और झिझक रही झांझ।
जीवन की ढलने लगी सांझ।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts