हटाओ आइना उम्मीद-वार हम भी हैं's image
1 min read

हटाओ आइना उम्मीद-वार हम भी हैं

Ameer MinaiAmeer Minai
0 Bookmarks 182 Reads0 Likes

हटाओ आइना उम्मीद-वार हम भी हैं

तुम्हारे देखने वालों में यार हम भी हैं

तड़प के रूह ये कहती है हिज्र-ए-जानाँ में

कि तेरे साथ दिल-ए-बे-क़रार हम भी हैं

रहे दिमाग़ अगर आसमाँ पे दूर नहीं

कि तेरे कूचे में मस्त-ए-ग़ुबार हम भी हैं

कहो कि नख़्ल-ए-चमन हम से सर-कशी न करें

उन्हीं की तरह से बाग़-ओ-बहार हम भी हैं

हमारे आगे ज़रा हो समझ के ज़मज़मा-संज

कि एक नग़्मा-सरा ऐ हज़ार हम भी हैं

कहाँ तक आइने में देख-भाल इधर देखो

कि इक निगाह के उम्मीद-वार हम भी हैं

शराब मुँह से लगाते नहीं हैं ऐ ज़ाहिद

फ़िराक़-ए-यार में परहेज़-गार हम भी हैं

हमारा नाम भी लिख लो जो है क़लम जारी

क़दीम आप के ख़िदमत-गुज़ार हम भी हैं

हुमा हैं गिर्द मिरी हड्डियों के आठ पहर

सग आ के कहते हैं उम्मीद-वार हम भी हैं

जो लड़खड़ा के गिरे तू क़दम पे साक़ी के

'अमीर' मस्त नहीं होश्यार हम भी हैं

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts