दीप था या तारा क्या जाने's image
1 min read

दीप था या तारा क्या जाने

Ada JafriAda Jafri
Share0 Bookmarks 249 Reads

दीप था या तारा क्या जाने
दिल में क्यूँ डूबा क्या जाने

गुल पर क्या कुछ बीत गई है
अलबेला झोंका क्या जाने

आस की मैली चादर ओढ़े
वो भी था मुझ सा क्या जाने

रीत भी अपनी रुत भी अपनी
दिल रस्म-ए-दुनिया क्या जाने

उँगली थाम के चलने वाला
नगरी का रस्ता क्या जाने

कितने मोड़ अभी बाक़ी हैं
तुम जानो साया क्या जाने

कौन खिलौना टूट गया है
बालक बे-परवा क्या जाने

ममता ओट दहकते सूरज
आँखों का तारा क्या जाने

No posts

No posts

No posts

No posts

No posts