Couplets · शेर

Every Sher, In One Place

A whole poem in two lines — find one by topic, poet or first letter.

वफ़ा Sher

4 sher

बे-वफ़ा तुम बा-वफ़ा मैं देखिए होता है क्याग़ैज़ में आने को तुम हो मुझ को प्यार आने को है

आग़ा हज्जू शरफ़

उल्फ़त में बराबर है वफ़ा हो कि जफ़ा होहर बात में लज़्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो

अमीर मीनाई

कौन उठाएगा तुम्हारी ये जफ़ा मेरे बादयाद आएगी बहुत मेरी वफ़ा मेरे बाद

अमीर मीनाई

एक औरत से वफ़ा करने का ये तोहफ़ा मिलाजाने कितनी औरतों की बद-दुआएँ साथ हैं

बशीर बद्र