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3 sher
तीर पर तीर लगाओ तुम्हें डर किस का हैसीना किस का है मिरी जान जिगर किस का है
ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है बढ़ता है तो मिट जाता हैख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा
लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं मेंवो कहीं मेहरबाँ न हो जाए