Couplets · शेर

Every Sher, In One Place

A whole poem in two lines — find one by topic, poet or first letter.

जफ़ा Sher

3 sher

तीर पर तीर लगाओ तुम्हें डर किस का हैसीना किस का है मिरी जान जिगर किस का है

अमीर मीनाई

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है बढ़ता है तो मिट जाता हैख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा

Sahir Ludhianvi

लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं मेंवो कहीं मेहरबाँ न हो जाए

अमीर मीनाई