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4 sher
ईद अब के भी गई यूँही किसी ने न कहाकि तिरे यार को हम तुझ से मिला देते हैं
वादों ही पे हर रोज़ मिरी जान न टालोहै ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो
है ईद का दिन आज तो लग जाओ गले सेजाते हो कहाँ जान मिरी आ के मुक़ाबिल
ईद तू आ के मिरे जी को जलावे अफ़्सोसजिस के आने की ख़ुशी हो वो न आवे अफ़्सोस