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2 sher
मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तिरा क्या भरोसा है चारागरये तिरी नवाज़िश-ए-मुख़्तसर मेरा दर्द और बढ़ा न दे
किस से जा कर माँगिये दर्द-ए-मोहब्बत की दवाचारा-गर अब ख़ुद ही बेचारे नज़र आने लगे