प्यार सिर्फ कह देने से पूरा नहीं होता, कभी-कभी वो उन अनकहे लफ्ज़ों में बसता है जो दिल से कागज़ तक तो आते हैं, पर किसी की नज़रों तक नहीं पहुंचते। "अनकहे ख़त" – कविशाला की एक खास पेशकश, जहाँ हम उन एहसासों को जगह देंगे जो कभी कहे नहीं गए, लेकिन महसूस किए गए।
इस वैलेंटाइन्स वीक, अपने दिल की गहराइयों में छुपे जज़्बातों को शब्दों में ढालिए। वो प्रेम पत्र जो कभी भेज नहीं पाए, वो अल्फ़ाज़ जो होंठों तक आकर थम गए – उन्हें हमारे साथ साझा कीजिए और इस अनोखी मोहब्बत की किताब का हिस्सा बनिए।
अपने 'अनकहे ख़त' भेजिए और प्यार की इस खूबसूरत यात्रा में शामिल होइए।