दर्द हमने न दिल का सुनाया उन्हें दर्द उनको मिला खुद समझने लगे। एक दिन फिर मिले तन्हा-तन्हा दिखे देखते हमको वो भी सिसकने लगे॥ उनसे ताल्लुक तो कोई नहीं था मगर वो भी कहने लगे हम भी सुनने लगे॥ मतलबी दुनिया में न ठिकाना मिला तो फिर से परिधान मतलब का बुनने लगे॥