अभी तो मै लम्बा चलूँगा | Zakir Khan's image
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अभी तो मै लम्बा चलूँगा | Zakir Khan

भूख देखी है,

देखी हैं तिरस्कार करती आँखें |

क़दमों से चल-चल कर रास्तों को नाम बदलते देखा है,

अपने टूटे हुए स्वाभिमान के साथ खुद को काम बदलते देखा है |

देखी है ना-उमीदी, अपमान देखा है,

ना चाहते हुए भी माँ-बाप का झुकत

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