यह ज़िन्दगी जो भँवर जाल है , यह ज़िन्दगी ही मृत्यु काल है। समय रथ पर जो तू है सवार , यह सारी समय की ही चाल है। घिरी अन्धकार में तेरी वीरता , तेरी निष्ठा ही एक मशाल है । वो अनजानी सी राह पर निकले , सारी दुनिया का बस यही हाल है । लकीरों वाली तेरी किस्मत , तेरे कर्मों का ही परिणाम है । उम्मीद सुखी रूखी सी ही सही , तेरे सपनों का बस वही ढाल है ।