कौन कहता है चाहत में कुछ खोया नहीं जाता , लूटा कर देख दिल को सब कुछ पाया नहीं जाता। बढ़ने दे राह-ए-इश्क़ पर इस आशिक़ को ज़रा , मोहब्बत के कदम को कभी रोका नहीं जाता ।। तनहा रह जाए मुसाफिर फिर भी मगर , जाने वालों को कभी टोका नहीं जाता ।। दूरी तो सह लेंगे खुशी से क्यूंकि , दिल से याद मिटाया नहीं जाता ।। बस इतनी सी दिल-ए-गुज़ारिश है उनसे , ख़्वाब में भी दिल को रूलाया नहीं जाता।।