माना के तेरे ज़िन्दगी में हैं दर्द बहुत ,
पर तेरे पास जिने को ज़िन्दगी तो है।
माना तेरे राह में मायूसी ही सही ,
पर तेरी मंज़िल की ओर जाती राह तो है।
माना छत पर बैठा तू आँशु बहाता ,
पर तेरे पास रोने को कोई छत तो है।
माना तेरे सफर में थक गए कदम ,
पर तेरे पास थकने को दो कदम तो है।
माना के यादें सताती और रुलाती ,
पर तेरे पास याद आने को यादें तो है।