मैं जानता हूँ वो पल अब कभी न आएंगे।

मेरे बालों को आदत सी हो गयी है तेरे हाथों की, क्योंकि सैकड़ों बार तुमने इनको सहलाया है।

मैं तो भूल जाऊँगा, लेकिन अपने बालों का क्या करूँ।

मेरा तो दिल है, दिमाग़ है, सोच है।

लेकिन बाल ये सब कहाँ सोचते हैं, वो तो स्पर्श को नहीं भूल पाएँगे।