मीराँ, राधा, सती, सीता
प्रेम किया सच्चा युग बीता।
बस प्राप्त नहीं हुआ, उनका प्रेम!
क्योंकि शायद सच्चा प्रेम मिलन नहीं चाहता।
वो तो विरह को चुनता है।
अब इस सूची में एक पुरूष का नाम तो बनता है।
और वो नाम मेरा होगा।।।


मीराँ, राधा, सती, सीता
प्रेम किया सच्चा युग बीता।
बस प्राप्त नहीं हुआ, उनका प्रेम!
क्योंकि शायद सच्चा प्रेम मिलन नहीं चाहता।
वो तो विरह को चुनता है।
अब इस सूची में एक पुरूष का नाम तो बनता है।
और वो नाम मेरा होगा।।।