तुम मेरा सुख चैन छीन सकती हो,
पर उन यादों को, उस समय को नहीं छीन सकती जो मैंने अपने दिल में सँजोकर रखे हुए हैं।
उनको तुम नहीं छीन सकती!
तुम मुझसे हक़ छीन सकती हो,पर मैं तुमको याद करूँ, ये हक़ मुझसे तुम नहीं छीन सकती हो!
तुम मुझसे ख़ुद को छीन सकती हो,
पर जो तुम्हारी तस्वीर मेरे मन में बसी है,
उसको तुम नहीं छीन सकती हो!


