Poetry 1 min read 777.1K reads

Love


ना गलत वो थे, ना गलत हम, गलत तोमुक़द्दर था, जो हम

दोनों के बार अक्स था,हमारी दूरी को नजदीकियों

में लाना उसके हाथ में था,लेकिन मुलाज़मत ने भी क्या हसीन रचना

रची, आज वो हमें गलत समझरहे है और हम उन्हें

Read more Earn more Learn more