उपासना से छूट गयी जगहों मे
रहता है
एक छूटा हुआ ईश्वर,
उसका ज़िक्र किसी ग्रन्थ में नही।
एक वही सुनता है सिर्फ
भीड़ मे से छूट गए
लोगों की पुकार ।


उपासना से छूट गयी जगहों मे
रहता है
एक छूटा हुआ ईश्वर,
उसका ज़िक्र किसी ग्रन्थ में नही।
एक वही सुनता है सिर्फ
भीड़ मे से छूट गए
लोगों की पुकार ।