दुनिया भर से गुस्सा हो क्या मेरा अब भी हिस्सा हो क्या मेरी हर एक बात में तुम हो तुम भी कोई किस्सा हो क्या इतनी भीड़ समेटे रहते हो तुम भी मुझ-से तन्हा हो क्या कहते हैं के मांजिल तुम हो तुमहीं तुम्हारा रस्ता हो क्या दुनिया की दौलत के पीछे तुम भी इतने सस्ता हो क्या