नींद से ठीक पहले, नींद के ठीक बाद,

है तेरे ही गम की जहन में एक हसीं याद !!


जीवन की इस रहगुज़र में

चेहरा उकेर नजर में

गीत में संजोने संवेदनाएं सभी

चल पड़ा है मन अकेला इस सफर में


तुम्हारे लब पे ठहरी खामोशी में ही

है मेरा यह जीवन बर्बाद

नींद से ठीक पहले नींद के ठीक बाद

है तेरे ही गम की जहन में, एक हसीं याद !!


जिस्म नदी का छोर

सिर्फ यौवन तट की नाद है

प्रेम की सरस् आवाज

मग़र साँसों के भी बाद है


तुम्हारे लब पे नही मग़र मेरे लब पे

है एक वही फरियाद

नींद से ठीक पहले नींद के ठीक बाद

है तेरे ही गम की जहन में, एक हसीं याद !!


कभी चितवनों के वो कटाक्ष

कभी कपोल जैसे सूखा गुलाब

सबके पीछे रही जो अनकही

बाते सभी वो बेहिसाब


भुलाये ना भुलाई जा सकी

है मुझको तुमको सभी याद

नींद से ठीक पहले नींद के ठीक बाद

है तेरे ही गम की जहन में, एक हसीं याद !!

- रोहित 


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