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मुक्तक


जिसकी एक नज़र तुम्हे देखने को तरसती हैसोचना तो उस शख्स में कितनी संजीदगी है

तुम्हारी चाहत में जिसे भटकन हुई हो हासिलउसकी बातें, बातें, भटकन महज़ आवारगी है!?

— Twitter = @YesIRohit
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